‘उत्साह और अट नहीं रही है’ में निराला ने किस भाव को व्यक्त किया है?
Answer
जीवन की कठिनाइयों के सामने निराशा और असहायता का भाव
The correct answer is जीवन की कठिनाइयों के सामने निराशा और असहायता का भाव — अतः यह भाव ही उत्तर है।
Step-by-step solution
- काव्य के दो मुख्य शब्द ‘उत्साह’ और ‘अट नहीं रही है’ पर ध्यान दें।
- ‘उत्साह’ आशा और ऊर्जा दर्शाता है, जबकि ‘अट नहीं रही है’ हिम्मत के खत्म होने को दर्शाता है।
- इन दोनों को मिलाकर कवि बताता है कि वह आशा के बावजूद हिम्मत खो रहा है।
- इससे स्पष्ट होता है कि कवि जीवन की कठिनाइयों के सामने निराशा व असहायता महसूस कर रहा है।
- अतः यह भाव ही उत्तर है।
Common mistake: केवल ‘उत्साह’ को ही सकारात्मक भाव समझ लेना
Concept tested: भाव की पहचान
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