अपने एकमात्र बेटे की मृत्यु पर बालगोबिन भगत ने क्या किया?
Answer
वे रोने के बजाय कबीर के पद गाते रहे और इसे आत्मा का परमात्मा से मिलन माना
The correct answer is वे रोने के बजाय कबीर के पद गाते रहे और इसे आत्मा का परमात्मा से मिलन माना — भगत जी का मानना था कि आत्मा परमात्मा के पास चली गई है, यह आनंद का समय है विलाप का नहीं।
Step-by-step solution
- भगत जी का मानना था कि आत्मा परमात्मा के पास चली गई है, यह आनंद का समय है विलाप का नहीं।
Concept tested: आध्यात्मिक दृष्टिकोण
Published · How this solution was prepared and checked
← All रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत questions