आत्मकथा के एक अंश में जयशंकर प्रसाद ने अपने बचपन के किस अनुभव को सामाजिक जागरूकता के स्रोत के रूप में वर्णित किया है? उस अनुभव को संक्षेप में लिखें और यह क्यों महत्वपूर्ण माना गया, इसका कारण समझाएँ।
Answer
प्रसाद ने बताया कि बचपन में उन्होंने अपने गाँव में देखे गये गरीबी‑भरे परिस्थितियों, विशेषकर भिक्षुओं और अन्न‑भोजन की कमी को देखा। इस अनुभव ने उन्हें सामाजिक असमानता के प्रति संवेदनशील बना दिया और बाद में उनके लेखन व राजनीति में सामाजिक सुधार की दिशा को निर्धारित किया।
Step-by-step solution
- आत्मकथा के उस भाग को खोजें जहाँ बचपन के अनुभवों का उल्लेख है।
- वहां लिखा है कि लेखक ने गाँव में गरीबी‑भरी स्थिति और भिक्षुओं की कठिनाई देखी।
- इस अनुभव को एक वाक्य में संक्षेपित करें – "गाँव में गरीबी और भिक्षुओं की कठिनाई देखी"।
- अब यह समझाएँ कि इस दृश्य ने लेखक को सामाजिक असमानता के प्रति संवेदनशील क्यों किया।
- पाठ में यह कहा गया है कि इस जागरूकता ने उनके आगे के लेखन व सामाजिक सुधार के काम को प्रेरित किया।
- इन बिंदुओं को मिलाकर अंतिम उत्तर तैयार करें।
Common mistake: केवल भावनात्मक भाग को लिख देना, कारण‑परिणाम संबंध का उल्लेख न करना।
Concept tested: बचपन का सामाजिक अनुभव
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