कवि देव ने अपने प्रथम कवित्त में वसंत ऋतु का वर्णन पारंपरिक रूप से न करके एक नवजात शिशु के रूप में किस प्रकार किया है? स्पष्ट कीजिए।
Answer
कवि देव ने वसंत का मानवीकरण कर उसे राजा कामदेव का बालक माना है, जिसके लिए वृक्षों की डालियाँ पालना, नए पत्ते बिछौना तथा पवन, कीर, कोकिल और मदन उससे बहलाने-झुलाने के साधन हैं।
Step-by-step solution
- प्रथम कवित्त 'डार द्रुम पालना बिछौना नव पल्लव के' का संदर्भ लें।
- पारंपरिक कवियों ने वसंत का वर्णन प्रकृति के निखार और नायक-नायिका के मिलन के रूप में किया है, परंतु देव ने वसंत को एक छोटे बालक के रूप में चित्रित किया है।
- पेड़ों की शाखाओं को उसका पालना, नए कोमल पत्तों को उसका बिछौना, पवन द्वारा पालना झुलाना तथा तोता (कीर) व मैना (कोकिल) द्वारा बालक से बातें करने का सुंदर मानवीकरण किया गया है।
Common mistake: विद्यार्थी वसंत के सामान्य सौंदर्य वर्णन पर ही प्रकाश डालते हैं और बालक के रूप में किए गए मानवीकरण तथा कामदेव से उसके संबंध का उल्लेख नहीं करते।
Concept tested: कवित्त में वसंत रूपी बालक का मानवीकरण
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