‘ऋतुराज‑कन्यादान’ कथा में महिलाओं की भूमिका का विश्लेषण करें और यह बताएं कि कन्यादान से सामाजिक संरचना में कौन‑से परिवर्तन आए।
Answer
कन्यादान ने महिलाओं को सम्मानित नागरिक बना कर पारिवारिक तथा सामाजिक ढाँचे में समानता, उत्तरदायित्व और शक्ति का संतुलन स्थापित किया।
Step-by-step solution
- कथा में महिलाओं को साहसी, ज्ञानवती और सम्मानित के रूप में दर्शाया गया है।
- कन्यादान की प्रक्रिया में उन्हें केवल दान वस्तु नहीं बल्कि सामाजिक बंधन के मूल स्तम्भ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- इससे पारिवारिक संबंधों में महिलाओं का स्थान मजबूत हुआ और उनका अधिकार बढ़ा।
- समाज में अब पुरुष-नारी के बीच कर्तव्य और अधिकार की समानता का नया संतुलन स्थापित हुआ।
- अन्त में, इस परिवर्तन ने सामाजिक संरचना को अधिक न्यायसंगत और सुसंस्कृत बनाया।
Common mistake: केवल कथा का सार लिखना, विश्लेषण न करना
Concept tested: महिला स्थिति एवं सामाजिक परिवर्तन
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