ऋतुराज‑कन्यादान कथा में प्रस्तुत सामाजिक परिवर्तन को ‘न्याय’ और ‘समानता’ के सिद्धांतों के संदर्भ में विश्लेषण करें।
Answer
कन्यादान ने सामाजिक न्याय को स्थापित किया क्योंकि सभी वर्गों के लोगों को समान अधिकार मिले; यह समानता का सिद्धांत दर्शाता है कि महिला भी शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती है, जिससे सामाजिक संरचना में समता आई।
Step-by-step solution
- पहले कथा के मुख्य सामाजिक परिवर्तन को पहचानें: कुप्रभुता का अंत, शिक्षा का सार्वभौमिक होना, महिलाएँ आर्थिक रूप से सक्रिय।
- ‘न्याय’ का अर्थ समाज में हर व्यक्ति को उचित अधिकार देना है; यहाँ कुप्रभुता समाप्त होने से सभी पर समान शासन आया।
- ‘समानता’ का अर्थ अवसरों में समानता है; महिलाओं को शिल्पशाला एवं शिक्षा के माध्यम से समान अवसर मिले।
- इन दोनों सिद्धांतों को कथा के विशिष्ट घटनाओं से जोड़ें और बतायें कि कैसे यह सामाजिक व्यवस्था को बदलता है।
- अंत में यह निष्कर्ष निकालें कि ऋतुराज की नीति ने न्याय और समानता को व्यावहारिक रूप से लागू किया।
Common mistake: केवल न्याय पर चर्चा करना और समानता को अनदेखा करना
Concept tested: न्याय व समानता विश्लेषण
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