कविता में जब मुख्य गायक 'अनहद' में भटक जाता है, तब संगतकार किस प्रकार स्थिति को सँभालता है?
Answer
जब मुख्य गायक तानों के जटिल जाल में भटक जाता है, तब संगतकार मुख्य स्थायी स्वर को सँभाले रखकर उसे वापस मूल लय पर ले आता है।
Step-by-step solution
- जब मुख्य गायक गाते-गाते सुरों की गहराइयों और जटिल तानों में खो जाता है, तो वह मूल स्वर (टेक) से भटक जाता है।
- ऐसी स्थिति को कवि ने अनहद में भटकना कहा है।
- संगतकार उस समय धैर्यपूर्वक मुख्य स्थायी को पकड़े रहता है और भटक चुके मुख्य गायक को पुनः मूल लय पर वापस ले आता है।
Common mistake: अनहद शब्द का केवल आध्यात्मिक अर्थ लिखना और संगीत के संदर्भ में उसके व्यावहारिक अर्थ को न समझाना।
Concept tested: गायन में भटकने पर संगतकार का योगदान
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