'संगतकार' कविता केवल संगीत के क्षेत्र तक सीमित न होकर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत ऐसे सहयोगियों की ओर संकेत करती है। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
Answer
संगतकार जीवन के हर क्षेत्र में उन पृष्ठभूमि में कार्य करने वाले सहायकों का प्रतीक है जो स्वयं प्रसिद्ध न होकर भी मुख्य व्यक्ति की सफलता को संभव बनाते हैं।
Step-by-step solution
- कवि मंगलेश डबराल की कविता 'संगतकार' का संदेश बहुत व्यापक और सर्वकालिक है।
- खेल के क्षेत्र में मुख्य खिलाड़ी की जीत के पीछे कोच, फिजियो और अन्य सहायक स्टाफ की निस्वार्थ मेहनत होती है।
- राजनीति या सिनेमा में नेता या अभिनेता के सफल प्रदर्शन के पीछे पटकथा लेखक, निर्देशक और बैकस्टेज कार्यकर्ताओं का योगदान होता है।
- ये सभी लोग पृष्ठभूमि में रहकर अपने नेतृत्वकर्ता को शिखर पर पहुँचाते हैं और अपनी आवाज़ या प्रभाव को उसके पीछे रखते हैं।
- अतः यह कविता समाज के ऐसे सभी अदृश्य और निस्वार्थ सहयोगियों के प्रति सम्मान व्यक्त करती है।
Common mistake: उत्तर को केवल संगीत के उदाहरणों तक सीमित रखना और अन्य व्यावहारिक क्षेत्रों का उल्लेख न करना।
Concept tested: जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संगतकार का महत्त्व
Published · How this solution was prepared and checked
Related questions
- 1 'संगतकार' कविता के अनुसार संगतकार की मुख्य भूमिका क्या है?
- 2 मुख्य गायक का गला जब तारसप्तक में बैठने लगता है, तब संगतकार उसकी सहायता किस प्रकार करता है?
- 3 "उसकी विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।" कविता की इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
- 4 कविता में जब मुख्य गायक 'अनहद' में भटक जाता है, तब संगतकार किस प्रकार स्थिति को सँभालता है?
- 5 कवि देव की काव्य-शैली और शिल्प-सौंदर्य की प्रमुख विशेषताओं पर 'सवैया और कवित्त' पाठ के आधार पर विस्तृत टिप्पणी कीजिए।
- 6 'छाया मत छूना' कविता में निहित मुख्य संदेश का विश्लेषण कीजिए। यह कविता आधुनिक युग के तनावग्रस्त मनुष्य के लिए किस प्रकार प्रासंगिक है?