सूरदास के पद में पंक्ति "सुरभि बांसुरी बजै, मन मोर मोर को बँधे" है। इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार कौन-सा है?
Answer
अनुप्रास
The correct answer is अनुप्रास — इसलिए इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार ‘अनुप्रास’ है।
Step-by-step solution
- पंक्ति को ध्यान से पढ़ें और दोहराए गए ध्वनि पैटर्न को देखें।
- ‘मोर मोर’ शब्द में ‘म’ ध्वनि दो बार आती है, जो समान ध्वनि की पुनरावृत्ति है।
- हिन्दी साहित्य में समान व्यंजन या स्वर की पुनरावृत्ति को ‘अनुप्रास’ कहा जाता है।
- इसलिए इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार ‘अनुप्रास’ है।
Common mistake: इसे रूपक (metaphor) समझना।
Concept tested: अलंकार (अनुप्रास)
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