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पद्य \"यह दंतुरित मुस्कान\" में पंक्ति “सुरभि‑भरी बूँदें गिरती हैं” का आशय स्पष्ट कीजिए।

easy 2 marks Class 10 · हिंदी · नागार्जुन - यह दंतुरित मुसकान
Answer
यह पंक्ति बरसते हुए वर्षा‑जल को सुगंधित, जीवन‑दायी रूप में दर्शाती है; अर्थात् वर्षा न केवल पानी देती है बल्कि धरती को ताजगी व खुशबू भी प्रदान करती है।

Step-by-step solution

  1. पद्य में प्रयुक्त शब्द ‘सुरभि‑भरी बूँदें’ को देखें।
  2. ‘सुरभि’ का शाब्दिक अर्थ सुगंध है; इसे ‘भरी’ के साथ मिलाकर ‘सुगंधित’ समझें।
  3. ‘बूँदें’ का अर्थ वर्षा के जल के छोटे‑छोटे टुकड़े हैं।
  4. अतः यह पंक्ति बताती है कि बरसती हुई बारिश केवल पानी नहीं, बल्कि सुगंध भी ले कर आती है।
  5. संदर्भ में देखें कि कवि ने इसे जीवन‑दायी, उत्साहवर्धक स्वरूप में प्रस्तुत किया है, जिससे प्रकृति की सकारात्मक शक्ति उजागर होती है।
Common mistake: शाब्दिक अर्थ पर ही अडिग रहकर रूपक के गहरे भाव को नहीं समझना।

Concept tested: छंद में रूपक एवं भावार्थ

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