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‘फ़सल’ कविता के आधार पर समझाइए कि फसल केवल प्रकृति की देन नहीं, बल्कि मानव श्रम और प्रकृति के सह-अस्तित्व का परिणाम कैसे है। उत्तर में दो प्रमुख कारण दें।

medium 4 marks Class 10 · हिंदी · नागार्जुन - यह दंतुरित मुसकान
Answer
पहला, कवि ने खेतों की मेहनत‑परिश्रम को ‘हाथों की रगड़’ के रूप में वर्णित किया है, जिससे श्रम का महत्व स्पष्ट होता है; दूसरा, वह बरसात, धूप और मिट्टी जैसे प्राकृतिक तत्वों को ‘साथी’ कहकर प्रकृति के योगदान को रेखांकित करता है—इस प्रकार फसल दोनों का संयुक्त परिणाम है।

Step-by-step solution

  1. कविता में ‘हाथों की रगड़’ वाक्यांश देखें, यह मानव श्रम का प्रतीक है।
  2. समझें कि बिना मेहनत के बीज नहीं उगेगा; इस कारण श्रमिकों का योगदान आवश्यक है।
  3. अगला, कवि ने ‘बरसात, धूप, मिट्टी’ को ‘साथी’ कहा है; यह प्रकृति के अनुकूल वातावरण को दर्शाता है।
  4. इन दो पहलुओं – मानव श्रम और प्राकृतिक परिस्थितियों – को मिलाकर बतायें कि फसल दोनों के बिना संभव नहीं।
  5. अंत में दो प्रमुख कारण (मानव श्रम, प्राकृतिक सहयोग) को स्पष्ट रूप से लिखें।
Common mistake: केवल प्रकृति या केवल मनुष्य को ही श्रेय देना, दोनों के सहयोग को नजरअंदाज करना।

Concept tested: काव्य विश्लेषण – विषय‑संबंधी तर्क

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