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'यह दंतुरित मुसकान' कविता में 'धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात' पंक्ति का क्या अर्थ है और कवि ने इसकी तुलना किससे की है?

medium 2 marks Class 10 · हिंदी · नागार्जुन - यह दंतुरित मुसकान
Answer
धूल से सने बालक के शरीर को कवि ने झोपड़ी में खिले कमल के फूल के समान बताया है।

The correct answer is धूल से सने बालक के शरीर को कवि ने झोपड़ी में खिले कमल के फूल के समान बताया है। — कवि ने धूल से सने बालक की तुलना तालाब को छोड़कर झोपड़ी में खिले हुए सुंदर कमल के फूल (जलजात) से की है।

Step-by-step solution

  1. पंक्ति 'धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात' का अर्थ है धूल-मिट्टी से सना हुआ बालक का कोमल शरीर।
  2. कवि नागार्जुन बालक के इस धूल-धूसरित रूप को देखकर कहते हैं कि 'छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात'।
  3. कवि ने धूल से सने बालक की तुलना तालाब को छोड़कर झोपड़ी में खिले हुए सुंदर कमल के फूल (जलजात) से की है।
Common mistake: बालक के शरीर की तुलना किस वस्तु से की गई है, इसमें 'गुलाब' या 'चमेली' लिख देना। सही उत्तर 'कमल' है।

Concept tested: काव्य सौंदर्य और बिंब विधान

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