'छाया मत छूना' कविता में 'छाया' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
Answer
B. अतीत की मधुर एवं भ्रमित करने वाली स्मृतियाँ
The correct answer is B. अतीत की मधुर एवं भ्रमित करने वाली स्मृतियाँ — यहाँ 'छाया' अतीत की उन सुखद स्मृतियों का प्रतीक है जो वर्तमान में केवल मानसिक दुख और भ्रम पैदा करती हैं।
Step-by-step solution
- कवि गिरिजाकुमार माथुर ने 'छाया' शब्द का प्रयोग भौतिक परछाईं के लिए नहीं किया है।
- यहाँ 'छाया' अतीत की उन सुखद स्मृतियों का प्रतीक है जो वर्तमान में केवल मानसिक दुख और भ्रम पैदा करती हैं।
Common mistake: छाया शब्द का अर्थ केवल पेड़ या वस्तु की वास्तविक परछाईं समझ लेना।
Concept tested: छाया शब्द का प्रतीकात्मक अर्थ
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