'छाया मत छूना' कविता में 'दुविधाहत साहस है, दिखता है पंथ नहीं' पंक्ति का क्या आशय है?
Answer
इसका आशय है कि मन में असमंजस और दुविधा होने के कारण व्यक्ति में साहस होते हुए भी उसे आगे बढ़ने का सही रास्ता दिखाई नहीं देता।
Step-by-step solution
- यहाँ 'दुविधाहत' शब्द दुविधा (असमंजस) और हत (आहत या नष्ट हुआ) से मिलकर बना है।
- जब मनुष्य अतीत की यादों और वर्तमान के दुखों के बीच झूलता रहता है, तो उसका आत्म-विश्वास और साहस दुविधा से ग्रस्त हो जाता है।
- साहसी होने के बावजूद मन की अनिश्चितता के कारण उसे अपने जीवन का सही मार्ग (पंथ) स्पष्ट नहीं दिखता।
Common mistake: दुविधाहत का अर्थ केवल 'साहस न होना' समझ लेना, जबकि यहाँ साहस का दुविधा से दब जाना व्यक्त हुआ है।
Concept tested: दुविधाहत साहस का अर्थ
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