कवि 'छाया मत छूना' के माध्यम से जीवन में किस बात को स्वीकार करने का संदेश देता है?
Answer
कवि अतीत की सुखद स्मृतियों में खोए रहने के बजाय वर्तमान के कठोर यथार्थ को स्वीकार करने का संदेश देता है।
The correct answer is कवि अतीत की सुखद स्मृतियों में खोए रहने के बजाय वर्तमान के कठोर यथार्थ को स्वीकार करने का संदेश देता है। — अतः कवि 'कठिन यथार्थ का पूजन' करने अर्थात वास्तविक परिस्थितियों को सहर्ष स्वीकार करने का उपदेश देता है।
Step-by-step solution
- अतीत की यादों में डूबे रहने से मनुष्य का वर्तमान दुखदायी हो जाता है और मन में कुंठा उत्पन्न होती है।
- कवि का मानना है कि अतीत का मोह छोड़ने पर ही मनुष्य वर्तमान की चुनौतियों का सामना कर सकता है।
- अतः कवि 'कठिन यथार्थ का पूजन' करने अर्थात वास्तविक परिस्थितियों को सहर्ष स्वीकार करने का उपदेश देता है।
Common mistake: छाया छूने का अर्थ किसी बुरी आदत या कुसंगति को छोड़ना लिख देना।
Concept tested: यथार्थ का पूजन और वरण
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